हंगामे के साथ शुरू हुआ संसद का शीत कालीन सत्र

Meeting of opposition parties before winter session

शुरु हुआ संसद का शीतकालीन सत्र, पीएम ने सार्थक चर्चा के जरिए दूरगामी प्रभाव पैदा करने वाले फैसले होने की उम्मीद, राज्यसभा में पहले ही दिन हंगामा, तीन बार के स्थगन के बाद सोमवार तक के लिए सदन स्थगित कर दिया गया है

संसद का शीतकालीन सत्र आज शुरू हुआ और दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. प्रधानमंत्री ने आज उम्मीद जतायी कि संसद का शीतकालीन सत्र सार्थक होगा जहां दूरगामी प्रभाव पैदा करने वाले सरकार के महत्‍वपूर्ण कामकाज पर संसद में अच्छी और सकारात्मक चर्चा होगी संसद के शीतकालीन सत्र के शुरु होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस उम्मीदों भरे बयानसे इस सत्र के सुचारु रुप से चलने और देश हित के सार्थक काम होने की उम्मीद जगी है।

संसद सत्र के लिए जाने से पहले संसद भवन परिसर में मीडिया के साथ बातचीत में पीएम ने कहा कि सत्र में सरकार के कई महत्वपूर्ण कामकाज सदन में आयेंगे जो दूरगामी प्रभाव पैदा करने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जाहिर की कि सत्र के दौरान सकारात्मक रुप से सत्र चलेगा जिससे न केवल लोकतंत्र मजबूत होगा बल्कि आम आदमी की समस्याएं सुलझने का विश्वास पैदा होगा। संसद का सत्र शुरु होने पर दोनों सदनों में पीएम नरेंद्र मोदी ने मंत्रिमंडल में शामिल किए गए नए मंत्रियों का सदन से परिचय कराया।

नए मंत्रियों में धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण, मुख़्तार अब्बास नक़वी, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, केजे अलफोंस, शिव प्रताप शुक्ला, वीरेंद्र सिंह, आनंद कुमार हेगड़े, गजेंद्र सिंह शेख़ावत और सत्यपाल शामिल हैं। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सांसदों से लोकसभा की नया महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव का भी परिचय कराया। संसद सत्र से एक दिन पहले गुरुवार को ही दो अलग अलग सर्वदलीय बैठकें हुई थी जिसमें सरकार के साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ने भी विपक्ष ने सदन को सुचारु रुप से चलाने में सहयोग मांगा था । लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी शीतकालीन सत्र के सामान्य और सुचारु रुप से चलने का भरोसा जताते हुए कहा है कि वो ज्यादा से ज्यादा विधेयक पास कराने की कोशिश करेंगी । दरअसल यह सत्र 15 दिसंबर से शुरु होकर 5 जनवरी तक चलेगा जिसमें सिर्फ 14 कार्य दिवस है। सरकार ने इस सत्र में 40 विधेयक और एक वित्तीय प्रस्ताव पेश और पास कराने का ईरादा जाहिर किया है।

सत्र के दौरान जो अहम विधेयक सरकार के एजेंडे में हैं उनमें तीन तलाक पर लगी रोक को कानूनी जामा पहनाने से संबंधित मुस्लिम महिला शादी के संरक्षण का अधिकार विधेयक, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक मान्यता से जुडा विधेयक, भारतीय वन (संशोधन) विधेयक, वस्तु एवं सेवा कर (मुआवजा) विधेयक 2017 ,इन्सालवेंसी एंड बैंकरप्सी कोड संशोधन विधेयक , उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के डूबे हुए पैसों के सुचारु निवारण के लिए तैयार विधेयक फाइनेंसियल रिजोल्यूशन एंड डिपोजिट इंश्योरेंस (एफआरडीआई) बिल.नागरिकता संशोधन विधेयक 2016, मोटरवाहन संशोधन विधेयक 2016. ट्रांसजेंडर व्यक्ति अधिकार संरक्षण विधेयक और सेरोगेसी नियमन विधेयक शामिल है ।

सत्र में जीएसटी और किसानों से जुड़े विषय समेत कई समसामयिक मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है। हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि वो किसी भी मसले पर चर्चा को तैयार है । कुल मिलाकर सत्र का विस्तृत एजेंडा है और अगर सत्ता पक्ष और विपक्ष साथ चले तो ये काफी सार्थक हो सकता है ।

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