परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रखी अतंरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल निर्माण की नींव

Transport Minister Nitin Gadkari laid the foundation for the construction of international cruise terminal

भारत में क्रूज परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 6 क्रूज टर्मिनल बनाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का निर्माण मुंबई में किया जाएगा। टर्मिनल का निर्माण तीन चरणों में किया जाएगा। मुंबई में जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट विशेष आर्थिक क्षेत्र से अगले तीन वर्षों में डेढ़ लाख लोगों को रोज़गार मिलेगा।

मुंबई पोर्ट ट्रस्ट में आयोजित समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। भारत में क्रूज परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कई क्रूज टर्मिनल बनाने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत मुंबई पोर्ट ट्रस्ट में अतंरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल के निर्माण की नींव रखी गयी है।

इस टर्मिनल की आधारशिला सागरमाला परियोजना के तहत रखी गई है, जिस पर 300 करोड़ रुपये का ख़र्च आएगा और इसे दिसंबर, 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। टर्मिनल का निर्माण तीन चरणों में किया जाएगा। इसमें सिविल, मेकेनिकल और इलेक्ट्रिकल के अलावा पार्किंग और मरीन के काम शामिल हैं।

इसको बनाने का उद्देश्य क्रूज़ पर्यटन और रोज़गार को बढ़ावा देना है। क्रूज पर्यटन बढ़ने से न केवल रोजागर सृजन होगा बल्कि विकास दर भी बढ़ेगी। एक बार सेवा में आने के बाद इस टर्मिनल पर हर साल लगभग सात लाख पर्यटकों के आने की उम्मीद है। इस मौके पर गडकरी ने कहा कि मुंबई में जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट विशेष आर्थिक क्षेत्र से अगले तीन वर्षों में डेढ़ लाख लोगों को रोज़गार मिलेगा।

अगर इसकी खासियत की बात करें तो 2 हेक्टेयर में फैला मुंबई का नया अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ टर्मिनल वैश्विक मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। 5,000 यात्रियों की क्षमता वाले इस टर्मिनल में शॉपिंग मॉल, ड्यूटी फ़्री दुकानें, होटल और रेस्तरां भी होंगे। यहां ई वीजा वाले पर्यटकों को खास सहूलियतें भी मिलेंगी।

नितिन गडकरी ने कहा कि मुंबई में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और अगले पांच वर्षों में 950 क्रूज़ मुंबई आएंगे।

दरअसल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार जल परिवहन पर खास ध्यान दे रही है। सरकार की योजना जलमार्ग को एक बेहतर, कम लागत वाला और पर्यावरण के अनुकूल माल एवं यात्री परिवहन का माध्यम बनाने की है। सरकार सागरमाला परियोजना और राष्ट्रीय जलमार्ग कानून के तहत 20,275 किलोमीटर लंबे 111 नए नदी मार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में विकसित कर रही है। सरकार इन मार्गों पर लोगों की यात्रा के साथ ही पर्यटन को विकसित करने के भी अवसर तैयार कर रही है।

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