सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस को बड़ा झटका, वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम में पड़े वोट से मिलान करने की मांग को किया खारिज

12 Special Courts Center to Create Tainted Representatives

उच्‍चतम न्‍यायालय ने गुजरात कांग्रेस की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें विधानसभा चुनाव में प्रत्‍येक निर्वाचन क्षेत्र में वोटों की गिनती के साथ-साथ कम से कम बीस प्रतिशत मतदाता पुष्टि पर्चियों की गिनती करने की मांग की गयी थी। न्‍यायालय ने कहा कि इस मामले में तब तक कोई हस्‍तक्षेप नहीं करेगा जब तक कि प्रत्‍येक निर्वाचन क्षेत्र में केवल एक बूथ की मतदाता पुष्टि पर्चियों की ही गणना करने का निर्वाचन आयोग का फैसला मनमाना, गैरकानूनी या गलत इरादे से किया गया साबित नहीं हो जाता।

प्रधान न्‍यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्‍यक्षता वाली तीन न्‍यायाधीशों की पीठ ने गुजरात कांग्रेस के याचिकाकर्ता मोहम्‍मद आरीफ राजपूत को चुनाव सुधार के बारे में विस्‍तृत याचिका दायर करने की इजाजत दे दी। न्‍यायालय ने कहा कि चुनाव सुधार पर बहस राज्‍य में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने पर ही शुरू हो सकेगी।

गुजरात विधानसभा चुनाव की मतगणना प्रक्रिया में दखल देने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है। गुजरात प्रदेश कांग्रेस के सचिव मोहम्मद आरिफ राजपूत ने कम से कम 25 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम में पड़े वोट से मिलान करने की मांग की थी। इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट भी इस मांग को ठुकरा चुका है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अभी चुनाव प्रक्रिया जारी है। चुनाव आयोग अपने मौजूदा नियमों के आधार पर इसे पूरा कर रहा है। अभी अदालत इस प्रक्रिया में दखल नहीं देगी। हालांकि चुनाव आयोग हर निर्वाचन क्षेत्र के एक बूथ में ईवीएम और वीवीपैट का मिलान करेगा ताकि ईवीएम की विश्वसनियता पर किसी भी प्रकार का संशय न रह जाये। कोर्ट ने कहा कि चुनाव सुधार एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। हम भविष्य में चुनाव को और बेहतर बनाने पर सुनवाई कर सकते हैं। अगर याचिकाकर्ता चाहे तो बाद में इस मसले पर अलग से याचिका दाखिल करें।

Related posts

Leave a Comment