प्रधानमंत्री ने लोगों से जल संरक्षण में सहयोग का आग्रह किया, पिछले तीन वर्ष में जल संरक्षण के जरिए एक सौ पचास लाख हेक्‍टेयर भूमि को लाभ पहुंचा

PM Modi shared his views in 'Mann Ki Baat'

http://fisflug.is/?yrus=fx-forex&440=e0 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जल संचय एक सामाजिक और सामूहिक उत्‍तरदायित्‍व होना चाहिए। 43वीं बार मन की बात साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जल संचय हमारे पूर्वजों की जीवन शैली का हिस्‍सा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अप्रैल से जुलाई तक का समय वर्षा जल के संचय के लिए सबसे उपयुक्‍त समय है और वक्‍त पर तैयारियां की जायें तो इसके अच्‍छे नतीजे मिल सकते हैं।

go to site प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में मनरेगा के बजट के अलावा औसतन 32 हजार करोड़ रुपये जल संरक्षण और जल प्रबंधन पर खर्च किए गए हैं। इस दौरान जल संरक्षण और जल प्रबंधन उपायों से करीब एक करोड़ पचास लाख हेक्‍टेयर क्षेत्र भूमि को लाभ मिला है।

http://economicforumpbc.com/?nikolasdk=opzioni-binarie-le-scommesse-finanziarie&773=d1 जल-संरक्षण और जल-प्रबंधन के लिए भारत सरकार के द्वारा जो मनरेगा में धनराशि मिलती है, कुछ लोगों ने इसका बहुत अच्छा फायदा उठाया है। केरल में कुट्टूमपेरूर (Kuttemperoor), उस नदी पर 7 हज़ार मनरेगा के काम करने वाले लोगों ने 70 दिनों तक कड़ी मेहनत करके उस नदी को पुनर्जीवित कर दिया।

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