प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ग्रामीण विकास पर जोर

PM Narendra Modi's emphasis on rural development

नानाजी देशमुख एक ऐसा व्यक्तित्व जिनका संकल्प रहा गांव तक आधुनिक तकनीक को पहुंचाना। जिन्होंने राजनीतिक जीवन को छोड़ ग्रामोदय का सपना देखा। मौक़ा नानाजी देशमुख की जन्मशती का और प्रधानमंत्री ने दिल्ली पूसा में उन्हें श्रृद्धा-सुमन अर्पित किए। प्रधानमंत्री ने नानाजी के ग्रामोदय को साकार करने के लिए तकनीक और अनुसंधान को ग्रामीण जीवन में ज्यादा से ज्यादा अपनाने पर ज़ोर दिया।

नानाजी देशमुख जिनका जीवन समर्पित रहा ग्रामोदय के लिए। 11 अक्टूबर, 2017 नानाजी की जन्मशती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नानाजी के सपनों के ग्रामोदय को सिद्ध करने का न सिर्फ़ संकल्प दोहराया, बल्कि ग्रामीण विकास के लिए प्रशासनिक सुधार व मंत्रालयों सहित सांसदों, विधायकों में समन्वय के लिए दिशा पोर्टल, ग्राम प्रधान से लेकर तहसील स्तर तक आपसी समन्वय को तेज़ करने और योजनाओं की जानकारी के लिए संवाद एप और देश में 11 जगहों पर स्वरोज़गार के लिए प्रशिक्षण देने वाले संस्थान आरएसईटीआई बिल्डिंग का लोकार्पण किया।

साथ ही उन्होने कहा की गांव तक भी ऐसी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें ताकि गांव में लोग रह सकें और गांव की तरक्की भी हो सके। उन्होंने दोहराया कि आख़िरी छोर के व्यक्ति की उन्नति के लिए देश के पास संसाधनों की कमी नहीं है।

ग्रामोदय पर ही देश का विकास टिका है। ऐसा तभी मुमकिन होगा जब जनभागीदारी के साथ लोग खड़े होंगे और ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध होंगे।

ग़रीबी मुक्त, जातिवाद मुक्त और गांव को आर्थिक सशक्त बनाने में शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में अनुसंधान की ज़रूरत है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने पूसा में गांव के विकास से जुड़ी सौ से ज़्यादा रखी गई प्रदर्शनियां देखी। इनमें बदलते दौर के भारत और ख़ासकर ग्रामीण भारत के लिए वैकल्पिक ऊर्जा, सस्ते मकान सरीखे कई आधारभूत संरचनाओं से जुड़े अविष्कार मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने फेनोमिक प्रयोगशाला का भी उद्घाटन किया। इससे कृषि अनुसंधान को मदद मिलेगी। गौरतलब है कि ग्रामोदय के सपनों को सच करने के लिए गांव तक कौशल प्रशिक्षण और कुटीर उद्योगों को भी बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

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