इसरो ने किया 100वें उपग्रह को लांच, श्रीहरिकोटा से दूरसंवेदी उपग्रह कार्टोसैट-2 समेत 31 उपग्रहों का किया गया प्रक्षेपण

ISRO launches 100 satellites, launches 31 satellites, including Satoscope satellite CARTOSAT-2 from Sriharikota

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो आज सवेरे पी.एस.एल.वी. रॉकेट के ज़रिए कार्टोसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह के प्रक्षेपण के लिए पूरी तरह तैयार है। इस प्रक्षेपण में तीस अन्‍य छोटे और सूक्ष्‍म उपग्रहों को भी कक्षा में स्‍थापित किया जाएगा। इनमें से दो उपग्रह भारत के और 28 उपग्रह अन्‍य देशों के हैं। चेन्‍नई से लगभग नब्‍बे किलोमीटर दूर आंध्रप्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्‍द्र में पहले लॉन्‍च पैड से रॉकेट पी.एस.एल.वी. सी-40 के ज़रिए इस उपग्रह का प्रक्षेपण सवेरे नौ बजकर उनतीस मिनट पर किया जाएगा।

हमारी संवाददाता ने बताया है कि 28 घंटे की गिनती कल सवेरे पांच बजकर उनतीस मिनट पर शुरू हुई थी।

एक ही उड़ान में उपग्रहों को विभिन्‍न कक्षाओं में पहुंचाने के लिए इसरो इस नई प्रणाली का चौथी बार उपयोग करेगा। यह सबसे लम्‍बे समय की उड़ानों में से एक होगी और इसमें उपग्रहों को अंतरिक्ष में दो घंटे बाईस मिनट से अधिक समय तक रहना पड़ेगा । प्रक्षेपण से करीब साढ़े सत्रह मिनट बाद कार्टोसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह और उनतीस अन्‍य उपग्रहों का पांच सौ पांच किलोमीटर की सौर-समतुल्‍य कक्षा में प्रवेश कराया जाएगा। इसके बाद इसरो द्वारा विकसित पेलोड सूक्ष्‍म उपग्रह तीन सौ उनसठ किलोमीटर की ऊंचाई पर निचली कक्षा में ले जाया जाएगा और बहु-इंजन स्विच ऑन प्रणाली का उपयोग करते हुए इसका प्रक्षेपण किया जाएगा। कार्टोसैट-2 उपग्रह अपनी श्रृंखला का सातवां दूर संवेदी उपग्रह है और यह पांच साल काम करेगा। इस उपग्रह का उपयोग शहरी और ग्रामीण अनुप्रयोगों की निगरानी, तटीय भूमि के उपयोग का नियमन, सड़क नेटवर्क और जल वितरण जैसी सेवाओं के प्रबंधन, भौगोलिक बदलावों का पता लगाने और भूमि उपयोग का मापन प्रणाली विकसित करने जैसी गतिविधियों में किया जाएगा।

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