वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष के प्रदर्शन की समीक्षा की

Finance Minister Arun Jaitley reviewed the performance of National Investment and Infrastructure Fund

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) के प्रदर्शन और बुनियादी ढांचा विकास के लिए भारत के पहले सॉवरेन कोष द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की।

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि बोर्ड की बैठक के दौरान यह सूचित किया गया कि कोष जुटाने के प्रयासों में कई अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों के साथ संतुलित प्रगति हुई और उसके बाद सरकार द्वारा कई सहमति ज्ञापनों पर दस्तखत किए गए।

इसमें कहा गया है कि एनआईआईएफ द्वारा पहला कोष जुटाने का काम जल्द पूरा होने की उम्मीद है। एनआईआईएफ ने मंत्री को सूचित किया कि सड़क, बंदरगाह, विमानन और बिजली क्षेत्रों के लिए निवेश के कई प्रस्ताव पाइपलाइन में हैं।

यही नहीं एनआईआईएफ तीसरे पक्ष द्वारा प्रबंधित स्वच्छ ऊर्जा, सस्ते मकान और मझोले आकार की बुनियादी ढांचा कंपनियों से संबंधित कोषों में निवेश की योजना बना रहा है। संचालन परिषद ने इच्छा जताई कि एनआईआईएफ भारत में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में दीर्घावधि में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में काम करे। एनआईआईएफ की स्थापना 2015 में एक विशेष निवेश इकाई के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य आर्थिक दृष्टि से व्यावहारिक नई, मौजूदा और अटकी परियोजनाओं में निवेश करना है। इसमें 49 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी सरकार के पास है जबकि शेष हिस्सेदारी निजी क्षेत्र से है। सरकार ने एनआईआईएफ में 20,000 करोड़ रुपये निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।

इस बैठक में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग, वित्तीय सेवा विभाग की सचिव अंजुली छिब दुग्गल, टीवी मोहनदास पई और हेमेंद्र कोठारी, संचालन परिषद के सदस्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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