कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का भाषण, अब उन्हीं पर उठे कई सवाल

Rahul Gandhi has lost his base in the country and has started making false statements abroad: Sambit Patra

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का भाषण अब उन्हीं पर कई सवाल उठा रहा है। अमेरिका के बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में दिए भाषण में जहां वो अपनी पार्टी कांग्रेस पर सवाल उठाते दिखते हैं, तो वंशवाद के समर्थन में खड़े नज़र आते हैं। वहीं भाजपा ने इन बयानों पर कड़ा पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल के बयानों से कांग्रेस अध्यक्ष पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

राहुल गांधी ने अपने भाषण में माना था कि 2012 में कांग्रेस में घमंड आ गया था और पार्टी ने जनता से संवाद कम कर दिया था। इस कारण पार्टी की लोगों से दूरी बन गई थी जिसके चलते वो चुनाव हार गई।

बीजेपी ने कहा है कि भारत के राजनीतिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने यह स्वीकार किया है कि उनकी पार्टी घमंडी हो गई थी, जिसकी वजह से चुनाव हार गई। पार्टी का कहना है कि राहुल का ये कहना अपनी मां पर ही सवाल उठाना है।
कांग्रेस में वंशवाद से जुड़े सवाल पर राहुल गांधी ने कहा था कि देश का ज़्यादातर हिस्सा इसी तरह चलता है। भारत इसी तरह काम करता है और केवल उनसे ही इस मामले पर सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए।

बीजेपी ने राहुल के इस बयान को देश का अपमान बताते हुए गिनाया है कि कैसे देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग विरासत से नहीं अपनी मेहनत से इस पद पर पहुंचे हैं।

अपने भाषण में राहुल ने पीएम मोदी के बारे में भी कई बातें कही, जिस पर बीजेपी का कहना है कि देश में जनता जब उनकी बातें नहीं सुन रही है तो वो विदेश में जाकर अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं। स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल की सफलता और विफलता का मापदंड अमेठी में दिखता है। उन्होंने कहा कि राहुल ने अपने इलाक़े में कितना विकास किया, उसी पर चर्चा कर लेते तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाता।
राहुल ने अपने भाषण में केंद्र की कश्मीर नीति पर भी सवाल उठाए तो बीजेपी की ओर से राहुल और कांग्रेस पार्टी को आइना दिखाते हुए कहा गया कि वो इतिहास पढ़ें और जानें कि कश्मीर समस्या किसकी देन है।

हालांकि बीजेपी के पलटवार के बाद कांग्रेस ने राहुल के बयानों का बचाव किया है। पार्टी का कहना है कि अमेरिका में कांग्रेस उपाध्यक्ष ने देश की नहीं, सरकार और पीएम की आलोचना की है। पार्टी ने ये भी कहा कि लोकतंत्र में आलोचना करना मना नहीं है। कुल मिलाकर राहुल गांधी ने विदेश में भाषण देकर भले ही वहां की जनता की वाहवाही लूटने की कोशिश की हो, लेकिन घरेलू मोर्चे पर तो इसका उल्टा असर होता दिख रहा है।

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